EP: Chhedo koi geet

Chhedo Koi Geet Hindi Pop EP by Music UnLtd.

छेड़ो कोई गीत

 

[Verse]
छेड़ो कोई गीत जो मै भी गा सकूं     
तेरी धुन हो जिस तरह उसे खूब निभा सकू 
धुन की सुर्ख़ियों पे हो मेरी कोशिशें 
मिल जाएं क़ाफिये भी, यहीं मेरी ख्वाइशें  
  
[Bridge]
वो ख़ुद-ब-ख़ुद आते चले
आके क़लम से जाते ढले 
वो ख़ुद-ब-ख़ुद दिखते चलें  
क्या राज़ ये, कैसे खुले?
  
[Refrain]
धुन के लिए हो सुर रवां    
बन जाए गीत, छुए आसमाँ 
अलफ़ाज़ को सरगम मिले  
वो ही लिखे जो दिल कहे 
  
[Chorus]
बस ज़िन्दगी भर यूँ हीं गाए चल 
रूह को गर्दिश से बचाए चल 
सुर का नशा पहुंचे वहां 
खो कर ख़ुद को पाए जहां 
  
[Music]
  
[Verse]
छेड़ो कोई गीत जो मै भी गा सकू 
तेरी धुन हो जिस तराह उसे खूब निभा सकू 
धुन की सुर्ख़ियों पे हो मेरी कोशिशें 
मिल जाएं काफियें भी, यहीं मेरी ख्वाइशें  

[Bridge]
चक्रावों से कब वो आ निकलें 
जाने कैसे मिलते गले 
धुंधली फ़िज़ा से वो तख़्ते चले 
उड़ते-फिरते यहीं सिलसिले 
  
एक-एक कर के सब छांट लें 
चुन ले उन्हें जो चमक उठें 
बस चैन से लिखते रहें 
और काफ़िये मिलते रहें 
  
[Refrain]
धुन के लिए हो सुर रवां   
बन जाए गीत, छुए आसमाँ 
अलफ़ाज़ को सरगम मिले  
वो ही लिखे जो दिल कहे 
  
[Chorus]
बस ज़िन्दगी भर यूँ हीं गाए चल 
रूह को गर्दिश से बचाए चल 
सुर का नशा पहुंचे वहां 
खो कर ख़ुद को पाए जहां 
  
[Music]
  
[Verse]
छेड़ो कोई गीत जो मै भी गा सकूं     
तेरी धुन हो जिस तरह उसे खूब निभा सकू 
धुन की सुर्ख़ियों पे हो मेरी कोशिशें 
मिल जाएं क़ाफिये भी, यहीं मेरी ख्वाइशें 
  
 © Music – Milin      
     Hindi adaptation of lyrics – Tushar Bhatia


 

ये सिलसिले  

 

[Intro Music]
  
[Refrain]
ये सिलसिले कभी चले 
कभी नहीं कुछ और भी
छुपा के सच ज़रा सा झूट 
चलाओगे कुछ और भी 
  
[Bridge]
हकीक़त को छुपा के कुछ 
सब की नज़र से बचा के कुछ 
पतली गली से निकल पड़े 
सच बोल दे, हाँ ये भी आज़मा ले
  
[Music]
  
[Refrain]
ज़रा सा झूट ही तो है 
उसमे क्या सही तो है 
ऐसे तो होता ही है 
ऐसे चलता रहता ही है
  
[Intro Music]
  
[Verse]
जो प्यार की है  दुनिया 
नहीं पत्थर, है कलिया 
जो प्यार मे झूठ घुले 
चले तो बस ऐसे ही चले 
  
[Music]
  
[Verse]
जो प्यार की है  दुनिया 
नहीं पत्थर, है कलिया 
जो प्यार मे झूठ घुले 
चले तो बस ऐसे ही चले 
  
[Chorus]
तक़ाज़ों पे बदन के संग 
चलती है बर्बादियाँ 
लगावटें निगलती 
रहती हैं आज़ादियाँ  
  
मगर ये भी तो है सही 
के मरहम है प्यार ही 
पंखों को फैलाओ तो 
आसमां को छूना हो जो 
  
[Verse]
ये प्यार की महफिलें 
तुम को भी छू के चलें 
जो प्यार मे झूट घुले 
चले तो बस ऐसे ही चले 
   
[Music]
                                                                                                                                   
© Music - Milin
    Hindi Adaptation of lyrics – Tushar Bhatia

 

 

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